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पेट्रोल डालकर रेस्तरां में लगाई थी आग, दो दोषियों को सजा

nidhi
5 Oct 2026 9:29 AM IST
पेट्रोल डालकर रेस्तरां में लगाई थी आग, दो दोषियों को सजा
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लंदन में रेस्तरां अग्निकांड पर फैसला
लंदन: ब्रिटेन की राजधानी लंदन में भारतीय रेस्तरां को पेट्रोल डालकर आग के हवाले करने के मामले में अदालत ने दो किशोरों को कड़ी सजा सुनाई है। दोनों आरोपियों की उम्र 17 वर्ष है और उन्हें 10-10 साल की हिरासत की सजा दी गई है। हमले में रेस्तरां में मौजूद कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे और कुछ पीड़ितों को जिंदगी बदल देने वाली चोटें आई थीं।
घटना 22 अगस्त 2025 की रात पूर्वी लंदन के गैंट्स हिल इलाके में स्थित इंडियन अरोमा रेस्तरां में हुई थी। उस समय रेस्तरां में ग्राहक भोजन कर रहे थे। दोनों किशोर एक अन्य व्यक्ति के साथ हथियार लेकर रेस्तरां में घुसे थे। अदालत में बताया गया कि दोनों किशोरों के पास धारदार हथियार थे। तीसरा व्यक्ति रेस्तरां के अंदर पीछे की ओर गया और पेट्रोल के कनस्तरों से फर्श, टेबल और आसपास के हिस्सों में पेट्रोल फैलाना शुरू कर दिया।
इसके बाद हमलावर पीछे हटते हुए रेस्तरां से बाहर निकले और दरवाजे को ज्यादातर बंद रखा। इसके बाद आग लगाई गई, जिससे रेस्तरां के अंदर तेजी से आग का गोला उठा। घटना के समय आठ ग्राहक रेस्तरां में मौजूद थे।
हमले में छह लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। इनमें से कई लोगों को गंभीर रूप से जलने की चोटें आईं। एक महिला का करीब आधा शरीर झुलस गया था और उसे चिकित्सकीय रूप से कोमा में रखना पड़ा। महिला का पति भी गंभीर रूप से झुलस गया था। आग लगने के बाद वह जलती अवस्था में रेस्तरां से बाहर निकला था। उसके शरीर का 51 प्रतिशत हिस्सा झुलस गया था। उसने अदालत को बताया कि घटना के करीब 45 दिन बाद उसे होश आया था। आग लगाने के बाद हमलावर चोरी की कार से घटनास्थल से फरार हो गए थे। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की मदद से दोनों किशोरों की पहचान की। वारदात के करीब दो सप्ताह बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था।
जांच में पुलिस को उस कार से भी अहम सबूत मिले, जिसका इस्तेमाल आरोपियों ने भागने के लिए किया था। इनमें पेट्रोल के कनस्तर से जुड़ा सामान और मोबाइल फोन शामिल थे। गिरफ्तारी के दौरान कपड़े और अन्य सामान भी बरामद किया गया, जिसका मिलान सीसीटीवी फुटेज से किया गया। करीब सात सप्ताह तक चली सुनवाई के बाद दोनों किशोरों को जान को खतरे में डालने के इरादे से आगजनी और धारदार हथियार रखने के मामले में दोषी पाया गया। उम्र कम होने के कारण ब्रिटिश कानून के तहत दोनों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।
ओल्ड बेली अदालत में जज माइकल ग्रीव केसी ने सजा सुनाते हुए हमले को अत्यधिक योजनाबद्ध बताया। अदालत ने माना कि दोनों किशोर इस बात से परिचित थे कि उनकी कार्रवाई से रेस्तरां में मौजूद लोगों को गंभीर चोट लग सकती है या उनकी जान भी जा सकती है। अदालत ने दोनों को 10-10 साल की हिरासत की सजा सुनाई है। इसके साथ तीन साल की विस्तारित लाइसेंस अवधि भी रहेगी। इस तरह दोनों पर कुल 13 साल की विस्तारित सजा व्यवस्था लागू होगी।
पुलिस के अनुसार हमले के पीछे का मकसद अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। अदालत ने यह जरूर कहा कि दोनों किशोर संभवतः किसी अधिक उम्र के और अनुभवी अपराधी के निर्देश पर काम कर रहे थे, जिसकी पहचान नहीं हो सकी है। हमले के बाद इंडियन अरोमा रेस्तरां बंद हो गया। इस घटना में गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को लंबे समय तक इलाज से गुजरना पड़ा।
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